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Saturday, 13 February 2016


इश्क,प्यार ,मोहब्बत यही शब्द गूंजते है १४  फ़रवरी  के दिन. पर प्यार क्या है? प्यार एक अवर्णनीय अनुभूति है .शब्दों और परिभाषाओ की परिधि से परे एक अपनी ही पहचान लिए अनूठा बंधन है प्यार. शब्दों के मेरे पिटारे में आज वो शब्द मुझे नहीं मिलते जो इसे परिभाषित कर पाएं पूरी तरह से .चन्द शब्दों के ताने बाने में बंधी एक छोटी सी परिभाषा प्यार की मेरा एक प्रयास ,सागर को गागर में समाहित करने का जिसके विचार भी मेरे नही ,जितना कुछ पढ़ा और समझा उन्ही से  प्रेरित दो पंक्तियों के साथ आप सबको वैलेंटाइनस डे की शुभकामनायें ...

मोहब्बत न पाना है ,न खोना है 
मोहब्बत का अंज़ाम तो, बस "मोहब्बत "होना है 





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