एक संवाद ..
आस पास हूँ तेरे अहसास की तरह
बह रहा हूँ तुझमे सांस की तरह
बह रहा हूँ तुझमे सांस की तरह
चुभ रहा फिर सीने में क्यों दर्द है
कभी गर्म थपेड़े कभी हवा सर्द है
तपती धूप में तेरी छाया हूँ
तू खोजता मंदिरो में मैं तो तेरा साया हूँ
तू खोजता मंदिरो में मैं तो तेरा साया हूँ
दर्द तेरा पीता हूँ तुझमे मै भी जीता हूँ
तू मुझसे रूठे तो मै भी रीता रीता हूँ
बह रहा हूँ तुझमे मेरे आभास की तरह
आस पास हूँ तेरे अहसास की तरह

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