बहुत दिनों बाद कुछ लिखने को जी चाहता है.
लता जी की मधुर आवाज़ ने स्पंदन जगा दिया .....
स्पंदन
हर सांसों के साथ
चलता है स्पंदन ह्रदय का
आती और जाती सांसो के बीच
ठहर सा जाता है कभी जीवन
एक नयी सांस, एक नयी आस
एक नए जीवन की तलाश लिए
कुछ मीठी यादों की छाँव में
बहुत से मधुर लम्हो की प्यास लिए
हर साँसों के साथ
चलता है स्पंदन ह्रदय का
आती और जाती साँसों के बीच
मचल जाता है कभी मन
एक बच्चा बन चाँद को
बांहो में समेटने की चाह लिए
कभी उजारा ,कभी कुछ रंग स्याह लिए
बिखर जाता है जीवन पटल पर
हर बार नयी रचना का आभास लिए
हर साँसों के साथ
चलता है स्पंदन ह्रदय का

लता जी की मधुर आवाज़ ने स्पंदन जगा दिया .....
स्पंदन
हर सांसों के साथ
चलता है स्पंदन ह्रदय का
आती और जाती सांसो के बीच
ठहर सा जाता है कभी जीवन
एक नयी सांस, एक नयी आस
एक नए जीवन की तलाश लिए
कुछ मीठी यादों की छाँव में
बहुत से मधुर लम्हो की प्यास लिए
हर साँसों के साथ
चलता है स्पंदन ह्रदय का
आती और जाती साँसों के बीच
मचल जाता है कभी मन
एक बच्चा बन चाँद को
बांहो में समेटने की चाह लिए
कभी उजारा ,कभी कुछ रंग स्याह लिए
बिखर जाता है जीवन पटल पर
हर बार नयी रचना का आभास लिए
हर साँसों के साथ
चलता है स्पंदन ह्रदय का

No comments:
Post a Comment