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Thursday, 18 May 2017



वह मै मेरा ...

बचपन से जो पला मुझमे
साथ मेरे जो चला मुझमे
सपना बन आँखों में
अहसास बन कभी सांसों में
उम्र भर मेरी तलाश में
कभी रहा जिया की प्यास में
वह नटखट सा मै मेरा
मुझमे यूँ मचलता है
सागर में लहरों का
संगीत जैसे चलता है
वह नटखट सा मै मेरा
आज भी मुझमे पलता है ...




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