निर्झर लेखनी
Pages
Home
About
Friday, 22 July 2016
कुछ लोग निराले होते है
तपती भीषण जलती गर्मी में
अमलताश का भाव लिए
लाल फूलो से झुके गुलमोहर सा
एक शीतल घनेरी छांव लिए
ठहरी हुई गहरी झील से
कभी प्यार भरी, नदी सा बहाव लिए
कुछ लोग निराले होते है
No comments:
Post a Comment
Newer Post
Older Post
Home
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
No comments:
Post a Comment