कुछ पंक्तियाँ इस तस्वीर पर ....
आसमान से उतर कर ह्रदय की गहराइयो में समाती है
अद्द्भुत एक अनुभूति है प्रेम, नैनो में सपने दे जाती है
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सिमट जाता है पूरा संसार जैसे मेरी बाहों में
जब तुम घनश्याम ले लेते हो अपनी पनाहो में
रोम रोम जैसे तेरा ही गीत गाता है
जब मधुर मुस्कान लिए तू पास मेरे आता है
पलकों पे बैठ जाते है सतरंगी सपने कई
जब पलके मूंद तू धुन कोई बजाता है
कुछ कुछ राधा सी कुछ श्याम सी है
कुछ कुछ उजियारी कुछ घनश्याम सी है
प्रीत की रीत है बड़ी अलबेली ,अटपटी
तपती धूप में, तरुवर से मिलतेआराम सी है

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