एक चिराग उम्मीद का

टांग दिया एक चिराग,आशाओ का मेरे गलियारे में
सुना है ज़िंदगी मौंन सी गुजर जाती है, रहगुजर से मेरे
दामन में उजाले भरे झांकती है मेरी खिड़की से कभी
कभी दबे पाँव अंधेरो से गुजर जाती है, रहगुजर से मेरे
वक़्त के उजाले हैं कभी ,वक़्त के अंधियारे अपने
रंग बिरंगे अंदाज़ लिए निकल जाती है ,रहगुजर से मेरे
चिराग की रोशनी में ढूंढ ही लेंगे तुझे एक रोज़ ज़िंदगी
रोज़ एक धुंध सी छट जाती है यूँ ही ,रहगुजर से मेरे
टांग दिया एक चिराग,आशाओ का मेरे गलियारे में
सुना है ज़िंदगी मौंन सी गुजर जाती है, रहगुजर से मेरे

टांग दिया एक चिराग,आशाओ का मेरे गलियारे में
सुना है ज़िंदगी मौंन सी गुजर जाती है, रहगुजर से मेरे
दामन में उजाले भरे झांकती है मेरी खिड़की से कभी
कभी दबे पाँव अंधेरो से गुजर जाती है, रहगुजर से मेरे
वक़्त के उजाले हैं कभी ,वक़्त के अंधियारे अपने
रंग बिरंगे अंदाज़ लिए निकल जाती है ,रहगुजर से मेरे
चिराग की रोशनी में ढूंढ ही लेंगे तुझे एक रोज़ ज़िंदगी
रोज़ एक धुंध सी छट जाती है यूँ ही ,रहगुजर से मेरे
टांग दिया एक चिराग,आशाओ का मेरे गलियारे में
सुना है ज़िंदगी मौंन सी गुजर जाती है, रहगुजर से मेरे
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