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Wednesday, 12 August 2015

























Dream it ,wish it,do it...

सपने 

शुक्रिया ठंडी हवाओ का
शुक्रिया भीगी फिज़ाओ का
झोके के ठन्डे मुलायम से अहसास ने
देखो आज बहुत प्यार से कैसे हमे सुला दिया
जागे तो जाना 

दुनिया सपनो की बहुत खूबसूरत होती है 

सपने, हाँ सपने ही तो आस है 
जीने की जो प्यास जगाते है
थकते है जब ,भटकते हैं जब राहो में
उंगलियां पकड़ यही सपने साथ निभाते है
कितने अपने है ,फिर भी वो सपने है
और हम सच की जमीन पर  खड़े हैं 
बाहें पसारे ,आस लिए ,अहसास लिए 
मन के उड़न  खटोले से  उतर
जीवन में आकर लेते उन्हें देखने की चाह में ...



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